Hindi Romantic shayeri-चंद लम्हों का सफ़र है क्या करूँ !

चंद लम्हों का सफ़र है क्या करूँ !हर दुआ अब बे-असर है क्या करूँ !! है न मुमकिन प्यार को मंजिल मिले !सबको रुसवाई का डर है क्या करूँ !! बात दुनियां की अलहदा थी मगर !उस ख़ुदा की भी नज़र है क्या करूँ !! छोड़कर तन्हा मुझे जब से गये !ख़्वाब हर इक दर-बदर … Read more Hindi Romantic shayeri-चंद लम्हों का सफ़र है क्या करूँ !